UPSC ने लागू किया फेस ऑथेंटिकेशन सिस्टम

विस्तृत जानकारी (Full Details)
अवलोकन
UPSC ने एक नई तकनीक लागू की है जो परीक्षा में नकल रोकने के लिए फेस ऑथेंटिकेशन सिस्टम का उपयोग करेगी। यह तकनीक छात्रों की पहचान उनके चेहरे के माध्यम से करेगी ताकि परीक्षा में धोखाधड़ी न हो सके।
पात्रता
यह तकनीक सिविल सेवा और इंडियन फॉरेस्ट सर्विस (प्रारंभिक) परीक्षा 2026 के लिए लागू की जा रही है। सभी उम्मीदवार जो इस परीक्षा में शामिल होने वाले हैं, उन्हें इस नई तकनीक के बारे में जानकारी होना आवश्यक है।
आवेदन प्रक्रिया
🚀 सरकारी नौकरी और योजनाओं की सबसे तेज और सटीक जानकारी के लिए अभी हमारे Telegram Channel से जुड़ें और कोई भी अपडेट मिस न करें! 👉 https://t.me/sarkari_yojna_official
उम्मीदवारों को इस फेस ऑथेंटिकेशन सिस्टम के लिए किसी अतिरिक्त आवेदन की आवश्यकता नहीं है। बस परीक्षा केंद्र पर अपने आधार कार्ड या किसी अन्य पहचान पत्र लेकर पहुंचना होगा। सिस्टम स्वचालित रूप से चेहरे की पहचान करेगा और परीक्षा शुरू होने से पहले उम्मीदवार की पहचान सत्यापित करेगा।
तिथियाँ
यह तकनीक 2026 की प्रारंभिक परीक्षा से लागू की जाएगी। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे परीक्षा से एक दिन पहले सिस्टम की कार्यप्रणाली की जांच कर लें।
सुझाव
उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे परीक्षा केंद्र पर समय पर पहुंचें। सिस्टम की खराबी से बचने के लिए अपने चेहरे को साफ रखें और चश्मा न पहनें। किसी भी समस्या की स्थिति में, परीक्षा केंद्र के अधिकारियों से संपर्क करें।
📌 आधिकारिक वेबसाइट एवं आवेदन लिंक
आधिकारिक नोटिफिकेशन डाउनलोड करने एवं ऑनलाइन आवेदन के लिए नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करें।
Telegram चैनल से जुड़ें
सरकारी नौकरी और योजनाओं की सबसे तेज जानकारी के लिए
सामान्य प्रश्न (FAQs)
Q: क्या फेस ऑथेंटिकेशन सिस्टम सभी परीक्षाओं के लिए लागू है?
A: नहीं, यह तकनीक केवल सिविल सेवा और इंडियन फॉरेस्ट सर्विस (प्रारंभिक) परीक्षा 2026 के लिए लागू की जा रही है।
Q: क्या उम्मीदवारों को अलग से पंजीकरण करना होगा?
A: नहीं, उम्मीदवारों को इस फेस ऑथेंटिकेशन सिस्टम के लिए किसी अतिरिक्त आवेदन की आवश्यकता नहीं है।
Share this Job Alert